Swasthya Prahari

मानसून का आरोग्य विज्ञान: स्थानीय विरासत बीजों और माइक्रो-ग्रीन्स से पाएं मौसमी स्वास्थ्य का संतुलन

प्रस्तुतकर्ता: स्वास्थ्य प्रहरी (Swasthya Prahari) ​1. मानसून और शरीर का प्राकृतिक चक्र ​मानसून वर्षा और हरियाली का उत्सव है, लेकिन हमारे शरीर के लिए यह एक बदलाव का समय भी है। इस ऋतु में वातावरण की नमी के कारण पाचन शक्ति (जठराग्नि) स्वाभाविक रूप से मंद हो जाती है। जब हम अपनी जीवनशैली को प्रकृति […]

मानसून का आरोग्य विज्ञान: स्थानीय विरासत बीजों और माइक्रो-ग्रीन्स से पाएं मौसमी स्वास्थ्य का संतुलन Read More »

सूर्य-चंद्र संतुलन: जानिए कैसे दैनिक और मासिक चक्रों के तालमेल से प्राप्त होता है ‘होमोस्टैसिस’ (पूर्ण स्वास्थ्य)

​पिछले छह दिनों में हमने अलग-अलग वैज्ञानिक प्रमाणों के जरिए यह समझा कि कैसे हमारा शरीर सूर्य के २४ घंटे के चक्र (सर्कैडियन रिदम) और चंद्रमा के २९.५ दिनों के चक्र (सर्कैलूनार रिदम) से संचालित होता है। लेकिन स्वास्थ्य की पूर्णता तब तक हासिल नहीं हो सकती, जब तक हम इन दोनों चक्रों को मिलाकर

सूर्य-चंद्र संतुलन: जानिए कैसे दैनिक और मासिक चक्रों के तालमेल से प्राप्त होता है ‘होमोस्टैसिस’ (पूर्ण स्वास्थ्य) Read More »

चंद्र-तिथियाँ और उपवास का विज्ञान: जानिए कैसे पूर्णिमा और अमावस्या पर कैलोरी रेस्ट्रिक्शन आपके शरीर की ‘ऑटोफैगी’ को एक्टिव करता है

हमारे पारंपरिक परिवेश में पूर्णिमा, अमावस्या या एकादशी जैसी विशिष्ट चंद्र-तिथियों पर ‘व्रत’ या ‘उपवास’ रखने की एक बहुत गहरी परिपाटी रही है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान (Modern Medical Science) आज जब इंटरमिटेंट फास्टिंग और कैलोरी रेस्ट्रिक्शन के फायदों को देख रहा है, तो क्रोनोबायोलॉजी के वैज्ञानिकों को एक और गहरा सच पता चला है। हमारे

चंद्र-तिथियाँ और उपवास का विज्ञान: जानिए कैसे पूर्णिमा और अमावस्या पर कैलोरी रेस्ट्रिक्शन आपके शरीर की ‘ऑटोफैगी’ को एक्टिव करता है Read More »

​डिजिटल सूर्यास्त: जानिए कैसे रात की कृत्रिम रोशनी आपकी कोशिकाओं के ‘डीएनए’ को नुकसान पहुंचा रही है

आधुनिक युग में हमने बिजली और स्क्रीन्स की मदद से रात को भी दिन में बदल दिया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारी कोशिकाएं इस बदलाव के लिए तैयार नहीं हैं? हार्वर्ड मेडिकल स्कूल और कैंसर रिसर्च के वैश्विक जर्नल्स ने एक बेहद डरावनी सच्चाई का खुलासा किया है, जिसे विज्ञान की भाषा

​डिजिटल सूर्यास्त: जानिए कैसे रात की कृत्रिम रोशनी आपकी कोशिकाओं के ‘डीएनए’ को नुकसान पहुंचा रही है Read More »

सर्कैलूनार ऑसिलेशन: जानिए कैसे चंद्रमा की अदृश्य तरंगें हमारे हार्मोन्स और मूड को नियंत्रित करती हैं

अक्सर मूड स्विंग्स, अचानक बढ़ने वाले मानसिक तनाव या स्वभाव में आने वाले बदलावों के लिए हम काम के दबाव या बाहरी परिस्थितियों को जिम्मेदार ठहराते हैं। लेकिन आधुनिक एंडोक्रिनोलॉजी (Endocrinology) और न्यूरोबायोलॉजी ने एक बेहद गहरा सच उजागर किया है। हमारे शरीर का अंतःस्रावी तंत्र यानी हार्मोन्स का पूरा नेटवर्क सिर्फ २४ घंटे के

सर्कैलूनार ऑसिलेशन: जानिए कैसे चंद्रमा की अदृश्य तरंगें हमारे हार्मोन्स और मूड को नियंत्रित करती हैं Read More »

क्रोनो-न्यूट्रिशन: ‘क्या खाएं’ से ज्यादा जरूरी है ‘कब खाएं’, जानिए सूर्य की स्थिति और पाचन का वैज्ञानिक संबंध

मोटापे, डायबिटीज और गैस-एसिडिटी से परेशान लोग अक्सर इस बात पर ध्यान देते हैं कि वे क्या खा रहे हैं—कितनी कैलोरी, कितना प्रोटीन या कितना फैट। लेकिन आधुनिक न्यूट्रिशन साइंस की एक बेहद क्रांतिकारी शाखा, जिसे क्रोनो-न्यूट्रिशन (Chrono-Nutrition) कहा जाता है, ने यह साबित कर दिया है कि गलत समय पर खाया गया पौष्टिक भोजन

क्रोनो-न्यूट्रिशन: ‘क्या खाएं’ से ज्यादा जरूरी है ‘कब खाएं’, जानिए सूर्य की स्थिति और पाचन का वैज्ञानिक संबंध Read More »

चंद्र-चक्र और हमारा मस्तिष्क: क्या पूर्णिमा की रात सचमुच आपकी नींद चुरा लेती है? जानिए लूनार रिदम का विज्ञान

जब भी हम ‘चंद्रमा’ और मानव शरीर के संबंध की बात करते हैं, तो अक्सर लोग इसे ज्योतिष या मनगढ़ंत कहानियों से जोड़ देते हैं। लेकिन आधुनिक न्यूरोसाइंस और क्रोनोबायोलॉजी (Chronobiology) ने यह साबित कर दिया है कि जैसे पृथ्वी पर समुद्र के ज्वार-भाटे चंद्रमा से नियंत्रित होते हैं, वैसे ही हमारे मस्तिष्क की गहरी

चंद्र-चक्र और हमारा मस्तिष्क: क्या पूर्णिमा की रात सचमुच आपकी नींद चुरा लेती है? जानिए लूनार रिदम का विज्ञान Read More »

समय का ऐतिहासिक सफर: कैसे प्राचीन सभ्यताओं से शुरू होकर पहले साइंटिफिक रिसर्च तक पहुंची ‘Circadian Rhythm’

पिछले लेख में हमने जाना कि किस तरह 2017 के नोबेल पुरस्कार ने हमारे शरीर की आंतरिक जैविक घड़ी (Circadian Rhythm) को आधुनिक विज्ञान की सबसे बड़ी खोज के रूप में स्थापित किया। लेकिन क्या शरीर और प्रकृति के इस तादात्म्य को हमने सिर्फ कुछ साल पहले ही जाना है? जवाब है—नहीं। अगर हम इतिहास

समय का ऐतिहासिक सफर: कैसे प्राचीन सभ्यताओं से शुरू होकर पहले साइंटिफिक रिसर्च तक पहुंची ‘Circadian Rhythm’ Read More »

नोबेल पुरस्कार विजेता विज्ञान: सर्कैडियन रिदम और प्रकृति की घड़ी से ‘Collective Consciousness ‘

आज की मॉडर्न लाइफस्टाइल में हमने भौतिक रूप से बहुत कुछ हासिल किया है, लेकिन इस अंधी दौड़ में हम प्रकृति के साथ अपना गहरा और स्वाभाविक तालमेल खोते जा रहे हैं। देर रात तक स्क्रीन की आर्टिफिशियल लाइट, असमय भोजन (अनियमित ईटिंग हैबिट्स) और मानसिक तनाव ने हमारे शरीर की आंतरिक व्यवस्था को गंभीर

नोबेल पुरस्कार विजेता विज्ञान: सर्कैडियन रिदम और प्रकृति की घड़ी से ‘Collective Consciousness ‘ Read More »