#BackToRoots

​दादी-नानी की रसोई की ओर वापसी: आधुनिक बीमारियों का इकलौता इलाज है ‘सच्चा भोजन’

​हममें से बहुत से लोगों को अपने बचपन का वह दौर बखूबी याद होगा, जब घर में बीमारियों के नाम पर केवल मौसमी सर्दी-खांसी हुआ करती थी। तब अस्पतालों की दौड़ आज जितनी आम नहीं थी और न ही घर की रसोई में दवाइयों के डिब्बे सजे होते थे। हमारी दादी और नानी की रसोई […]

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​क्या बिना यूरिया-डीएपी के खेती संभव है? विरासत फसलों का आत्मनिर्भर कृषि विज्ञान

​जब भी आज के दौर में पारंपरिक या प्राकृतिक खेती की बात होती है, तो हमारे मन में सबसे पहला सवाल यही उठता है—”क्या बिना यूरिया और डीएपी (Chemical Fertilizers) के सचमुच अच्छी खेती संभव है? क्या रसायनों के बिना फसलों को कीड़ों और बीमारियों से बचाया जा सकता है?” यह सवाल उठना स्वाभाविक भी

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​मिट्टी की पुकार: क्या हम अपनी जीवनदायिनी धरती का स्वास्थ्य भूल रहे हैं?

हमारे भारतीय संस्कारों और संस्कृति में ‘धरती’ को केवल ज़मीन का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि ‘मां’ का आदरणीय दर्जा दिया गया है। एक ऐसी जीवनदायिनी शक्ति, जिसने सदियों से बिना किसी भेदभाव के हर पीढ़ी का भरण-पोषण किया है। सुबह की पहली किरण से लेकर ढलती साँझ तक, इस मिट्टी ने हर मौसम को हंसकर

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​क्या हम अपनी आने वाली पीढ़ी को वसीयत में सिर्फ बीमारियाँ देकर जाएंगे?

हम अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। उनके लिए अच्छा बैंक बैलेंस, सुरक्षित जमीन-जायदाद और बेहतरीन शिक्षा की व्यवस्था करना हर माता-पिता का सबसे बड़ा सपना होता है। इन सब तैयारियों के पीछे हमारा एक ही उद्देश्य होता है—हमारे जाने के बाद भी हमारे बच्चे एक सुरक्षित और खुशहाल जीवन

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कैंसर पैदा करने वाली खेती या धरती को नया जीवन देने वाली ‘विरासत उपज’?

​हम जब भी सुबह उठकर अपने बच्चों के हाथों में भोजन का निवाला देते हैं, तो हमारे मन में एक गहरा संतोष होता है। लेकिन क्या कभी शांत दिमाग से हम इस बात पर विचार करते हैं कि यह अनाज हमारे घर तक पहुँचने से पहले किस प्रक्रिया से गुजरा है? आज की आधुनिक खेती

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बीमारियों से घिरने के बाद याद आएगा या आज ही बदलेंगे थाली?

आज एक बहुत ही शांत और आत्मीय सवाल हम सबको अपने आप से पूछना चाहिए—क्या हमारे घरों में राशन से ज्यादा जगह दवाइयों के पत्तों ने नहीं ले ली है? सुबह की शुरुआत चाय की खुशबू से होने के बजाय, कई बार खाली पेट खाई जाने वाली गैस या बीपी की गोली से होती है।

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‘विरासत उपज’ (Heritage Produce)-तीसी(Flaxseeds) -(1)

विरासत उपज श्रृंखला: अलसी (तीसी) – हमारी परंपरा, आधुनिक सुपरफूड और समापन कड़ी ​नमस्कार दोस्तों! हमारी विशेष श्रृंखला ‘विरासत उपज’ (Heritage Produce) की पिछली कड़ी में हमने अलसी, जिसे हमारे स्थानीय क्षेत्रों में ‘तीसी’ भी कहा जाता है, के ऐतिहासिक महत्व और इसके पोषण से जुड़े कुछ शुरुआती पहलुओं पर चर्चा की थी। आज इस

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​’विरासत उपज’ (Heritage Produce) – विरासत अनाज: क्यों उपयोग करना अब शौक नहीं, मजबूरी है!

आज जब हम सुपरमार्केट की चमचमाती दीर्घाओं में घूमते हैं, तो पैकेटों पर ‘मल्टीग्रेन’, ‘फोर्टिफाइड’ और ‘ग्लूटेन-फ्री’ जैसे बड़े-बड़े दावे लिखे दिखाई देते हैं। हम सेहत की तलाश में हज़ारों रुपये खर्च कर विदेशी ‘किनुआ’ (Quinoa) या ‘ओट्स’ (Oats) को अपनी थाली में सजा रहे हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस पोषण

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